इंडिया न्यूज, अयोध्या।
Shock to Former BJP MLA Khabbu Tiwari : विधायक बनूंगा, तभी घोड़ी चढ़ूंगा का संकल्प लेने वाले अयोध्या के पूर्व बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी मुश्किल में फंस गए हैं। 29 साल पुराने मुकदमे में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। बीते दिनों उन्हें इस केस में पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। (Shock to Former BJP MLA Khabbu Tiwari)
पिछले गुरुवार को ही विधानसभा से भी उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच की न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। खब्बू तिवारी ने अपनी जमानत याचिका के साथ फैजाबाद सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा पर रोक की भी मांग की थी।
फैजाबाद सत्र न्यायालय से 5 वर्ष के कारावास की सजा होने के बाद खब्बू तिवारी की विधानसभा से सदस्यता पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसलिए खब्बू तिवारी की तरफ से जमानत अर्जी के साथ सत्र न्यायालय की सजा पर रोक की भी मांग की गई थी। खब्बू तिवारी की तरफ से लखनऊ हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह ने पैरवी की। वहीं अर्जियों का विरोध सरकारी वकील के साथ-साथ आपत्तिकर्ता मोहम्मद जुनैद के वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने किया। इसके बाद न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की एकल बेंच ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
ये पूरा मामला साल 1992 का है। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पर फर्जी मार्कशीट के जरिए बीएससी द्वितीय वर्ष में प्रवेश को लेकर केस दर्ज कराया था। फर्जी मार्कशीट के खेल में उनके साथ छात्र नेता रहे फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में साकेत डिग्री कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य ने इन तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। (Shock to Former BJP MLA Khabbu Tiwari)
इस फर्जी मार्कशीट मामले में फैजाबाद की एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए अयोध्या जनपद के गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी, तत्कालीन छात्र नेता फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी को 5 साल और 13000 जुर्माने की सजा सुनाई थी।
(Shock to Former BJP MLA Khabbu Tiwari)