(“They are all terrorists, stop offering them, they are butchers.” – Swami Prasad Maurya gave a statement about saints and sages): हिन्दू धर्म के खिलाफ स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों का सिलसिला लगातार चलता ही आ रहा है। पहले रामचरितमानस पर टिप्पणी करते नहीं रुके। वहीं अब देश के साधु-संतों पर अपमानजनक टिप्पणी करते नहीं थम रहे है। उत्तर प्रदेश (UP) से सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पहले अपने बयानों से विवादो में उलझे पड़े थे। लेकिन कल उनका एक और विवादित बयान सामने आया है। जिसमे स्वामी प्रसाद मौर्य ने साधु-संतों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “ये सब आतंकवादी हैं, इन्हें चढ़ावा देना बंद करो। ये कसाई हैं।”
उनके इस बयान से अयोध्या के साधु संतो में रोष देखने को मिला। अयोध्या के प्रसिद्ध संत ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित राकेश तिवारी (धर्मगुरु) ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “संसार में संत समाज ही ऐसा समाज है। जो आज तक गरीब दलित सबको सम्मान दिया है। आज भी संत समाज सबके यहां जाता है और सबको आशीर्वाद देता है।”
ज्योतिषाचार्य ने आगे कहा कि “एक संत समाज ही ऐसा है की पूजा के बाद में कहता है विश्व का कल्याण हो विश्व में शांति हो। इसलिए संत कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।” आगे ज्योतिषाचार्य ने मौलाना मदनी के भी बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि मदनी जी को ये पता नहीं है कि सनातन धर्म से सभी धर्मो को लिया गया है।
मदनी के दूसरे बयान ओम शब्द को अल्लाह कहने पर भी ज्योतिषाचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया रखी उन्होंने कहा कि “मदनी जी को शायद नहीं पता है की जब ताजमहल बनाया जा रहा था। तब मीनार गिर जा रहा था।
जिसके बाद किसी ज्योतिषाचार्य जी ने बताया था कि अगर ओम लिखा जाएगा तो ताजमहल की मीनारें नहीं गिरेंगी।” बता दे ओम को अगर उल्टा लिख दीजिए तो अल्लाह हो जाता है। इस हिसाब से देखे तो इन्होने ओम का नकल किया और फिर उसे अल्लाह बनाया। सभी धर्मो ने सनातन धर्म से ही या ऋग्वेद से ही अंश लेकर अपना धर्म बनाया।