UP
इंडिया न्यूज, लखनऊ (Uttar Pradesh)। उत्तर प्रदेश में मंगलवार 12 दिसंबर 2022 को नगर पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया। नगर विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मंगलवार को एक बार फिर चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी है।
इससे पहले आरक्षण का ऐलान किया जा चुका है। लेकिन हाईकोर्ट में ओबीसी मसले को लेकर याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने इस दौरान सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा। सरकार को बुधवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है। बुधवार को फिर मामले की सुनवाई होगी। मामले में निर्णय आने के बाद ही नगर निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी की जाएगी। सोमवार को हाई कोर्ट ने मंगलवार तक इलेक्शन डेट घोषित किए जाने पर रोक लगाई थी।
ओबीसी रिजर्वेशन को नजरअंदाज करने का आरोप
यूपी नगर निकाय चुनाव के लिए पिछले दिनों नगर विकास विभाग के स्तर पर वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी किया गया है। इस आरक्षण रोस्टर में ओबीसी रिजर्वेशन को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगा है। इससे संबंधित जनहित याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर की गई। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच की ओर से सोमवार से इस केस पर सुनवाई शुरू हुई। हाई कोर्ट ने सुनवाई शुरू करने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव तारीखों के ऐलान पर रोक लगाने का आदेश दिया।
इस मामले में मंगलवार को दूसरे दिन सुनवाई शुरू हुई तो राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा गया। इसके लिए बुधवार तक का समय दिया गया है। सरकार की ओर से जवाब दायर किए जाने के बाद हाई कोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को प्रदेश में निकाय चुनाव के आयोजन के लिए तारीखों के ऐलान से संबंधित आदेश जारी कर सकती है।
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